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जुलाई से दिसंबर के बीच प्लेटफार्म से हटाए 4.9 करोड़ संवेदनशील वीडियो, इनमें सबसे ज्यादा 1.65 करोड़ वीडियो भारत के

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  • 2019 की दूसरी छमाही के दौरान भारत ने कुल 302 रिक्वेस्ट भेजी, जिसमें से कंपनी ने 90 प्रतिशत मामलों पर कार्रवाई की
  • टिकटॉक ने कहा कि हम उन वीडियो को प्लेटफार्म से हटाते हैं, जो एडल्ट न्यूडिटी और सेक्सुअल एक्टिविटीज की श्रेणी में आते हैं

दैनिक भास्कर

Jul 10, 2020, 06:54 PM IST

नई दिल्ली. शुक्रवार को टिकटॉक ने अपनी ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल जुलाई और दिसंबर के बीच संवेदनशील और आपत्तिजनक कंटेंट हटाने और यूजर की जानकारी के लिए टिकटॉक को सबसे ज्यादा रिक्वेस्ट भारत से भेजी गईं।
कंटेंट के लिए बनाए गए नियमों का उल्लंघन करने के मामले में टिकटॉक ने केवल छह महीनों में 4.9 करोड़ से अधिक वीडियो अपने प्लेटफार्म से हटा दिए। हालांकि यह उसके यूजर्स द्वारा बनाए गए कुल वीडियो का 1 प्रतिशत भी नहीं है।

भारत में हटाए गए सबसे ज्यादा 1.65 करोड़ वीडियो

  • भारत में सबसे ज्यादा लगभग 1.65 करोड़ वीडियो हटाए गए जबकि लगभग 46 लाख वीडियो के साथ अमेरिका दूसरे स्थान पर है जहां सबसे ज्यादा वीडियो हटाए गए।
  • 37 लाख वीडियो के साथ पाकिस्तान तीसरे स्थान है, 20 लाख वीडियो के साथ यूके चौथे और लगभग 13 लाख वीडियो के साथ रूस पांचवे स्थान पर है।
  • हालांकि, रिपोर्ट में चीन या हांगकांग को उन देशों की सूची में शामिल नहीं किया गया जो किसी यूजर्स की जानकारी या कंटेंट हटाने की मांग कर रहे थे।

भारत द्वारा 302 रिक्वेस्ट भेजी गईं, 90% पर कार्रवाई हुई

  • 2019 की दूसरी छमाही के दौरान, टिकटॉक को 26 देशों में लॉ इंफोर्मेंट एजेंसियों और सरकारों से 500 रिक्वेस्ट मिली। भारत, जो कि यूजर्स के मामले में टिकटॉक का सबसे बड़ा बाजार है ने कुल 302 रिक्वेस्ट भेजी, जिसमें से कंपनी ने 90 प्रतिशत पर कार्रवाई की।
  • अमेरिका ने ऐसी 100 रिक्वेस्ट भेजी और कंपनी ने इनमें से 82 प्रतिशत पर कार्रवाई की। टिकटॉक को अपने प्लेटफार्म से संवेदनशील कंटेंट हटाने के लिए दुनियाभर की सरकारों से कुल 45 रिक्वेस्ट प्राप्त हुईं। इसमें से 30 भारत से आए थीं।

हर मिनट हजारों वीडियो अपलोड किए जाते हैं
टिकटॉक ने रिपोर्ट में कहा, दुनिया भर में हर मिनट में टिकटॉक पर हजारों वीडियो अपलोड किए जाते हैं। वहीं कम्युनिटी गाइडलाइन्स को लागू करने के लिए हम उन गाइडलाइन्स और कंटेंट की पहचानने करने और हटाने के लिए टेक्नोलॉजी और कंटेंट मॉडरेशन के कम्बीनेशन का उपयोग करते हैं जो हमारे दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हैं।

एडल्ट न्यूडिटी और सेक्सुअल एक्टिविटीज के वीडियोज हटाए जाते हैं

  • टिकटॉक ने कहा कि हम उन वीडियो को हटाते हैं जो एडल्ट न्यूडिटी और सेक्सुअल एक्टिविटीज की श्रेणी में आते हैं। कंपनी द्वारा हटाए गए अन्य वीडियो ने इसकी सेफ्टी पॉलिसी का उल्लंघन किया था, जिसमें यूजर्स द्वारा हानिकारक, खतरनाक या अवैध व्यवहार दर्शाया गया है, जैसे शराब या नशीली दवाओं का उपयोग। अन्य कारणों में गैरकानूनी गतिविधियां, आत्महत्या और खुद को हानि पहुंचाना शामिल हैं।
  • टिकटॉक ने कहा कि 3 फीसदी कंटेंट उसकी उत्पीड़न और बुलिंग नीति के तहत हटाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 प्रतिशत से कम कंटेंट हैं, जो हेट स्पीच, अखंडता और प्रामाणिकता और खतरनाक व्यक्तियों और संगठनों पर प्लेटफार्म की नीतियों का उल्लंघन करते हैं।

98.2 फीसदी संवेदनशील वीडियो को सिस्टम ने ही डिलीट किया
टिकटॉक ने कहा कि उसके सिस्टम ने यूजर द्वारा रिपोर्ट किए जाने से पहले 98.2 फीसदी वीडियो को तुरंत पकड़ा और हटा दिया। हटाए गए कुल वीडियो में से 89.4 प्रतिशत को किसी भी विचार मिलने से पहले ही हटा लिया गया था।

सरकार ने 59 ऐप्स को बैन किया था
भारत ने हाल ही में लद्दाख की गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच तनाव बढ़ने के बाद टिकटॉक समेत 59 चीनी मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कहा कि सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए और आईटी नियम 2009 के तहत प्रासंगिक प्रावधानों को रद्द कर दिया है। शुरुआत में, कुछ ऐप्स ने स्वेच्छा से सरकार के आदेश के अनुसार खुद को डिलीट कर दिया था, लेकिन अब गूगल और एपल ने अन्य सभी ऐप्स तक पहुंच को ब्लॉक कर दिया है। भारत में टिकटॉक के 20 करोड़ यूजर्स थे।



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